मेवाड़ के कीर्ति पुरुष महाराणा कुम्भा के वंश में पृथ्वीराज, संग्राम सिंह, भोजराज और रतनसिंह जैसे वीर योद्धा हुए. आम्बेर के युद्ध में राणा रतन सिंह ने वीरगति प्राप्त की. इसके बाद उनका छोटा भाई विक्रमादित्य राजा बना. उस समय…

“मैं, श्रीमान् …… महाराजाधिराज श्री हरी सिंह जी …….. जम्मू व कश्मीर का शासक …….. “रियासत पर अपनी संप्रभुता का निर्वाह करते हुए एतद्द्वारा अपने इस विलय के प्रपत्र का निष्पादन करता हूं ….” यह वही प्रपत्र है जिस पर…

विजय दशमी शक्ति का पर्व है। अधर्म पर धर्म की विजय राक्षसत्व पर आर्यत्व की विजय और असुरों पर सुरों की विजय का प्रतीक है। इसलिये यह दिन विजय तथा उल्लास के पर्व के रूप में मनाया जाता है। यदि…

स्वतंत्रता के पश्चात भारतीय इतिहास का विषय आज भी देश के जनमानस के लिए आश्चर्य तथा निराशा का विषय बना हुआ है। विश्व के पराधीन रहे अनेक देशों ने स्वाधीन होते ही अपने-अपने देश के इतिहास को राष्ट्रीय चैतन्य के…

‘हतो वा प्राप्स्यसि स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम्‌’। (या तो तू युद्ध में बलिदान देकर स्वर्ग को प्राप्त करेगा अथवा विजयश्री प्राप्त कर पृथ्वी का राज्य भोगेगा।) गीता के इसी श्लोक को प्रेरणा मानकर भारत के शूरवीरों ने कारगिल युद्ध में दुश्मन…

पंद्रह वर्ष की अल्प वय मेंदेश भक्ति का गान कियाआज़ादी को पाने हेतुक्रांति पथ आह्वान कियाविपदाओं की जंजीरेबिछी पड़ी थीं राहों मेंखुद पर खूब भरोसा थाबल था बहुत भुजाओ मेंखून ख़ौलता  रगो मेंसीने में उठता शोला थापीड़ाओं के दंश झेलतेवंदे…

वन्दे मातरमजरा सुनो ओ रोने वालो वन्दे मातरम नारे पर,करो याद, था बना पाक, निज लहू मांस के गारे पर।मां पुत्रो से दूर रहे पर मां फिर भी मां रहती है,खून आँख में, दिल में अग्नि सदा धधकती रहती हैएक…

जम्मू एवं कश्मीर राज्य में स्थित बाबा अमरनाथ जी की यात्रा न केवल भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, बल्कि संसार के प्रत्येक स्थान से इसके दर्शनों के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष यहां पहुंचते…

अपने राष्ट्र और समाज जीवन में गुरुपूर्णिमा-आषाढ़ पूर्णिमा अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव है। व्यास महर्षि आदिगुरु हैं। उन्होंने मानव जीवन को गुणों पर निर्धारित करते हुए उन महान आदर्शों को व्यवस्थित रूप में समाज के सामने रखा। विचार तथा आचार का…