एक बेहतरीन बारिश शायरी :- सतरंगी अरमानों वाले सपने दिल में पलते हैं आशा और निराशा की धुन में रोज मचलते हैं बरस-बरस के सावन सोंचे प्यास मिटाई दुनिया की वो क्या जाने दीवाने तो सावन में ही जलते है।

बादलों ने बहुत बारिश बरसाई तेरी याद आई पर तू ना आई सर्द रातों में उठ -उठ कर हमने तुझे आवाज़ लगाई तेरी याद आई पर तू ना आई भीगी -भीगी हवाओ में तेरी ख़ुशबू है समाई तेरी याद आई

चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे दें इससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपने धड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें ।

2 लाइन शायरी एक बार फिर से निकला हु में , जिंदगी की तलाश में ! दुआ करना यारो इस बार मोहब्बत न हो !!Click For More…. तू जो कर ले वादा मेरी ख़ामोशी को पढने का ! तो खिलोने…

तू नहीं तो ज़िंदगी में और क्या रह जायेगा दूर तक तन्हाइयों का सिलसिला रह जायेगा आँखें ताजा मंजरों में खो तो जायेंगी मगर दिल पुराने मौसमों को ढूंढ़ता रह जायेगा।