हमर कहानी हमर खिस्सा छी अहाँ,हमर साँस हमर दुनियाँ छी अहाँ,अहाँ कें कोना हम बिसैर जाऊ,हमर हरेक साँसक हिस्सा छी अहाँ!

खोजब अहाँ तें कियो मिल जेता,मुदा हमरा जोका अहाँकें के सतेता,मनलों कमी नै अछि अहाँकें संगतुरियाक,मुदा “जितू” कें जगह कियो कोना लs लेता!

प्रित अहाँक पहचान छी हमर,स्नेह अहाँक शान छी हमर,जुदा भs कें अहाँ सँ कोना हम जियब,अहाँतें अंतिम साँस तक प्राण छी हमर!

प्रित में हमरा अहाँ,किए ऐना बर्बाद करै छी,नै हमरा सँ बात करै छी,नै हमरा अहाँ याद करै छी!