तुम को तो जान से प्यारा बना लिया; दिल का सुकून आँख का तारा का बना लिया; अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्ज़ी; हम ने तो तुम्हें ज़िन्दगी का सहारा बना लिया।

सूखी पड़ी है दिल की ज़मीं मुद्दतों से यार बनके घटाएं प्यार की बरसात कीजिये। एक बार अकेले में मुलाकात कीजिये। हिलने ना पाए होंठ और कह जाए बहुत कुछ आँखों में आँखें डाल कर हर बात कीजिये। एक बार

मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है हर दुआ में बस तेरी ही वफ़ा माँगी है जिस प्यार को देख कर जलते हैं यह दुनिया वाले तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है।

चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे दें इससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपने धड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें ।

हर रात रो-रो के उसे भुलाने लगे आंसुओं में उस के प्यार को बहाने लगे ये दिल भी कितना अजीब है कि रोये हम तो वो और भी याद आने लगे ।