• ना जाने कौनसी, दौलत हैं..!दोस्तों के ,लफ़्जों में..! बात करते है तो.!दिल ही खरीद लेते हैं • कौन होता…

अदा है, ख्वाब है, तकसीम है, तमाशा है; मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है। रोज़ आता है मेरे…

अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा ,,, जहाँ लोग मिलते कम झांकते ज़्यादा है….For More Visit…. बात मुक्कदर पे…