बरसों बाद न जाने क्या समां होगा हमसब दोस्तों में न जानें कौन कहाँ होगा अगर मिलना हुआ तो मिलेंगें ख्वाबों में जैसे सूखे हुये गुलाब मिलते हैं किताबों में।

खुशबू की तरह मेरी सांसों में रहना लहू बनके मेरे आँसुओं में बहना दोस्ती होती है रिश्तों का अनमोल गहना इसीलिए दोस्त को कभी अलविदा न कहना।

खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है कुछ लोग ऐसे भी मिलते हैं जिंदगी में जिनसे कभी न टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।

क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त क्यूँ सारे ग़मों को बाँट लेते हैं दोस्त न रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है फिर भी ज़िन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त।

न जाने क्यूँ हमें आँसू बहाना नहीं आता न जाने क्यूँ हाले दिल बताना नहीं आता क्यूँ सब दोस्त बिछड़ गए हमसे शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता।

खुशी आपके लिए गम हमारे लिए जिंदगी आपके लिए मौत हमारे लिए हँसी आपके लिए रोना हमारे लिए सबकुछ आपके लिए आप हमारे लिए।