1    मोहब्बत ख़ूबसूरत होगी किसी और दुनियाँ में  इधर तो हम पर जो गुज़री है हम ही जानते हैं    .! 2    साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए  दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ…

सुलगती रेत में पानी की अब तलाश नहीं…! मगर ये कब कहा हमने के हमें प्यास नही…!!

मेरे सारे “कसूरों” पर भारी….मेरा बस एक ही “कसूर” है …, मैं उसे “पसंद” करता हूँ बस इसी बात का दिल को “गुरूर” है…!!
  न देना पनाह कभी ” गमों ” को ज़िन्दगी में,,,, कम्भख्त उँगली पकड़ कर हाथ खींच लेते हैं ….!!

2 लाइन शायरी एक बार फिर से निकला हु में , जिंदगी की तलाश में ! दुआ करना यारो इस बार मोहब्बत न हो !!Click For More…. तू जो कर ले वादा मेरी ख़ामोशी को पढने का ! तो खिलोने…

इतने पड़े हैं डंडे तेरी गली में अरमान हो गए ठन्डे तेरी गली में एक हाथ में है कंघी जुल्फे संवारते हैं गाड़ेंगे आशिकी के झंडे तेरी गली में। अब क्या बताएं ज़ालिम कैसे गुजारते हैं संडे तेरी गली में