इस कदर हर तरफ तन्हाई है,उजालो मे अंधेरों की परछाई है,क्या हुआ जो गिर गये पलकों से आँसू,शायद याद उनकी…

मिलेगी परिंदों को मंजिल ये उनके पर बोलते हैं, रहते हैं कुछ लोग खामोश लेकिन उनके हुनर बोलते हैं

कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं, जीता वही जो डरा नहीं.