तेरी आशिक़ी के गुलाम – लव शायरी

तेरे शहर में आ कर बेनाम से हो गए तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ही हो गए।

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