तन्हाइयों का सिलसिला – तन्हाई शायरी

तू नहीं तो ज़िंदगी में और क्या रह जायेगा दूर तक तन्हाइयों का सिलसिला रह जायेगा आँखें ताजा मंजरों में खो तो जायेंगी मगर दिल पुराने मौसमों को ढूंढ़ता रह जायेगा।

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