कहीं के नहीं रहते – दो लाइन शायरी

कहीं के नहीं रहते – दो लाइन शायरी

सामान बाँध लिया है मैंने भी अब बताओ दोस्त वो लोग कहाँ रहते है जो कहीं के नहीं रहते।

Share this post