इतने पड़े हैं डंडे – फनी शायरी

इतने पड़े हैं डंडे तेरी गली में अरमान हो गए ठन्डे तेरी गली में एक हाथ में है कंघी जुल्फे संवारते हैं गाड़ेंगे आशिकी के झंडे तेरी गली में। अब क्या बताएं ज़ालिम कैसे गुजारते हैं संडे तेरी गली में

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